निवेश (INVESTMENT) क्या है । (Nivesh Yojna) निवेश के प्रकार । Types Of Investment

निवेश क्या है, हम सभी के लिये निवेश कितने प्रकार के हो सकते हैं और निवेश का सिद्धांत क्या है। किस प्रकार का निवेश मॉडल हमारे लिये सही रहेगा। इस सब की जानकारी लेते हैं हिंदी में विस्तार से। निवेश का अर्थ क्या है और निवेश के साधन कौन से हैं जिनसे सुरक्षित निवेश किया जा सके, अच्छा रिटर्न भी मिले और आसान तथा सुविधाजनक भी हो

निवेश का अर्थ

हम जानते है कि निवेश का अर्थ है अपनी रेगूलर इनकम से प्राप्त धन मे से अतिरिक्त पूंजी या धन हो उसे ऐसी जगह लगाना जहां से अतिरिक्त धन प्राप्ति या आय की संभावना हो। जिससे हमारा भविष्य भी सुरिक्षित हो जाये और हम एक टेशन फ्री लाईफ जी सके और इस जिंदगी का आनंद ले सके ।
महान निवेशक वॉरेन बफेट के अनुसार भविष्य में और अधिक धन प्राप्त करने के लिए “पैसा लगाने की प्रक्रिया” को निवेश कहते है। निवेश का लक्ष्य आपके पैसे को एक या एक से अधिक प्रकार के निवेश के साधनों में लगाना है जिससे कि समय के साथ साथ आपका पैसा बढ़ सके।

निवेश के तरीके

यदि आप निवेश के शुरूआती दौर मे हो और अभी निवेश करने के बारे मे सोच रहे है । तो यह जानना आपके लिये बहुत जरूरी है।

  1. सुरक्षित निवेश ( SAFE NVESTMENT)
    BANK FD ( FIXED DEPOSITE)
    BANK RD ( RECRING DEPOSITE)
    PPF
    LIC
    सुकन्या समृद्धि योजना
    अटल पेंशन योजना
    प्रोपर्टी निवेश
  2. असुरक्षित निवेश ( RISKY INVESTMENT)
    SELF BUISNESS
    MUTUAL FUND
    SHARE MARKET
    ETF
    NPS
    CRYPTO CURRENCY ( क्रप्टो करेंसी)- HIGHLY RISK

निवेश (INVESTMEN) का एक सीधा तरीका होता है । जैसा कि बोला जाता है । “ low Risk low Profit & More Risk More Profit”
आप अपनी पसंद, रिस्क उठाने की क्षमता और कंफर्ट को समझते हुए निर्णय कर सकते हैं कि निवेश कहां करना है।

वर्तमान मे जीना या भविष्य को सुरक्षित करना

हम अपनी आय के पैसे को कहां और किस तरह प्रयोग करते हैं इसमें हमारी प्राथमिकता निवेश से पता चलती है। पैसे को खर्च करना आसान है और इससे एक क्षणिक सुख भी मिलता है फिर क्यो न वो नए कपड़े खरीदना हो, रैस्टॉरेंट में खाना हो या छुट्टियों पर जाना। इस सब से हमें खुशियां मिल सकतीं हैं मगर जब हम निवेश करते हैं तो हम भविष्य की आवश्यकताओं को आज की इच्छाओं से अधिक प्राथमिकता देते हैं

अब कुछ लोग कहेगे कि जो अच्छा पैसा कमा रहा है वह अपनी जिंदगी ठीक से जी भी रहा है और निवेश भी कर रहा है। मगर यह सब आपकी आय पर निर्भर नही करता । हमे अपनी आय का 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा निवेश अवश्य करना चाहिये अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिये ।

स्मार्ट निवेशक (INVESTOR) की विशेषता

निवेश से पहले यह जानना आवश्यक है कि प्रत्येक निवेश के साधन की अपनी विशेषताएं और सीमायें हैं। यह समझना बहुत आवश्यक है कि कौन सा निवेश का साधन आपके लिये बेहतर है। उदाहरण के लिये यदि आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं तो यह जानना जरूरी है कि जिस म्यूचुअल फंड योजना में आप निवेश कर रहे हैं वह किस तरह की इक्विटी में निवेश करती है? फंड हाउस कौन सा है? चार्जेस कितने हैं?

मुच्युल फंड निवेश मे कितना रिस्क हो सकता है। निवेश करने से पहले इस तरह के सवाल जान लेना आवश्यक है। निवेश में सफलता प्राप्त करने के लिये अपने निवेश को समझना बहुत आवश्यक है। मार्केट से जुड़े निवेश में लाभ की गारंटी नहीं होती मगर अपने निवेश को समझना आपके लिये फायदेमंद हो सकता है।

यहां हमने जाना कि निवेश क्या है, इसका क्या अर्थ है । यह कितने प्रकार का हो सकता है । इसके साधन कौन कौन से हो सकते हैं और अपने निवेश को जानना और उसमें छिपे रिस्क को समझना क्यों जरूरी है। मै आशा करता हू कि आपको इस लेख से निवेश की शुरुआत करने मे आसानी होगी । यदि आपको और भी कुछ जानना और पूछना है तो हमे नीचे कमेंट करके पूछ सकते है । मै पूरी कोशिश करूगा की आपके हर सवाल का जवाब दे सकू । धन्यवाद ।

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